वन्देमातरम दोस्तों,
आज भारत ने क्रिकेट में फ़िर से अच्छा खेल दिखाया । यकीं जानिए मुझे बिल्कुल भी खुशी नही हुई । मैं एक पल के लिए भी रोमांचित नही हुआ क्यों, क्योंकि इस समय मेरा धयान क्रिकेट पर है ही नही मैं अभिभूत हूँ अभिनव से जिसने बीजिंग में भारत के गौरव की स्वर्णिम गाथा लिखी । में सच में खुश हूँ अखिल की सादगी से, अखिल भले ही हार गए हों लेकिन उनके व्यव्हार की शान्ति मुझे आकर्षित करती है । दोस्तों ये वो विजेता है जो जो हर जीत और हार में एक जैसे रहते है । दस फाईनल हारने के बाद एक में जीत कर टी-शर्ट खोलकर लहराते नही है । दोस्तों, मुझे याद है मुंबई का वो मंज़र जब २०-२० के विश्व विजेता कप जीतकर आए थे तो कभी न रुकने वाला भारत का ये शहर चार घंटे के लिए ठहर गया था, दुःख की बात तो ये है किजिस मीडिया ने क्रिकेट पर हमेशा कागज़ और स्याही ख़राब की है काश दुसरे खेलों पर भी ध्यान दिया होता ? मुझे उम्मीद है की अभिनव की जीत के बाद तस्वीर बदलेगी । बधाई अभिनव ,बधाई भारत ।